खेद है… रिग्गा ओसलो नहीं है!

सुस्ती और आक्रामकता के मिश्रण वाली कोने में बैठ कर की गई एक यात्रा…

अमूल्य है!

ओसलो यात्रा का कुल खर्च:

385 नोर्वे क्रोन = 50 यूरो

दोपहर के 1 बजे मुझे मैट्स (Mats) से मिलना है! Mats, नोर्वे से एक बंदा है, जिसे मैं “काउच सर्फिंग साईट (couch surfing site)” के माध्यम से मिला! couch surfing (www.couchsurfing.org) एक ऐसी वेबसाईट है जो आपको आवास, एक सोफा (couch का सही मतलब), लेकिन अधिकतर एक अतिथि घर (जिसके लिए आपको कोई खर्च नहीं करना पड़ता है) ढूँढने में मदद करती है!

साथ में दोस्ती भी मिलती है, क्योंकि उन सभी में एक चीज़ सामान होती है और वो है – यात्रा के लिए जज्बा!

मुझसे मिलने के लिए दोपहर के 1 बजे वो स्कूटर पर आ रहा है, चाहे मैं जहां भी रहूँ! मैं कितना भाग्यशाली हूँ!

रिग्गा हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, मैं सूचना केंद्र गया और शहर का एक नक्शा माँगा, ताकि मैं बस यात्रा के दौरान बेहतरीन जगहों के बारे में जान सकूं और ये जान सकूं कि मुद्रा परिवर्तन केंद्र कहाँ है!

दुर्भाग्यवश, उस हवाई अड्डे पर, ना तो मुद्रा परिवर्तन केंद्र है और ना ही ओसलो शहर का नक्शा, क्योंकि ज्यादातर हवाई जहाज़ों की तरह “रियान” भी दुसरे दर्जे के हवाई अड्डों तक ही सफ़र तय करती है जो कि शहर के केंद्र से बहुत दूर हैं! रिग्गा, वास्तव में, ओसलो क्षेत्र का हिस्सा नहीं है और इसीलिए इसका कोई नक्शा नहीं है! फिर भी अच्छा है कि हवाई अड्डे पर जो कैफे है वो, अगर मैं कुछ खरीदता हूँ, यूरो स्वीकार करता है और बची हुई धन राशि नोर्वे के क्रोन में वापिस कर देता है!

मैं बार में गया! मुझे सच में “डबल एस्प्रेसो” कॉफ़ी की जरूरत थी, जो कि दूध होने के बावजूद “सब्जी के रस (गरीबों की कॉफ़ी)” लग रही थी!

मैंने (बार की) औरत को एक मीठी सी मुस्कान दी और उसने मुझे 40 यूरो के छुट्टे… ना कम ना ज्यादा… लेकिन 2 दिनों के लिए बहुत हैं!आखिरी प्रसिद्ध शब्द: मैंने उसे 40 यूरो दिए, जो कि 300 नोर्वे क्रोन के बराबर हैं और शहर के केंद्र तक जाने के लिए बस ही 150 क्रोन की है!उस पर चालक, शायद भारतीय या पाकिस्तानी, इतना असभ्य था कि उसने मुझे पहली कतार में ही बिठा दिया जैसे मैं कोई कैदी हूँ… जहाँ पहले से ही सो रहा एक बंदा था! वो कितना भाग्यशाली था! मैं अचंभित हूँ कि वो ऐसा कैसे कर सकता है!

मेरे पीछे, कुछ बूढी औरतें थी जो शहर पहुँचने के बाद करने वाली खरीदारी के बारे में गप्पे मार रही थी! लेकिन 5 मिनिट के अन्दर ही, मेरे पास बैठे नींद में डूबे बन्दे ने ‘श्श्श…’ करके शांति करवा दी! अब पूरे रास्ते पूरी बस शांत थी! मैं उन बूढी औरतों की ओर मुड़ा और Scream पिक्चर (चलचित्र) जैसे भाव में मदद मांगी! बूढी औरतों ने कंधे उचकाये और मेरी ओर दयनीय आँखों से देखा!

(Translated by Abdhay India)