नॉर्वे के राज परिवार को अभिनन्दन

अंतत: मैं बस अड्डे पहुँचा और 40 नोर्वे क्रोन देकर मैंने अपना सामान “क्लॉक रूम” में रख दिया! धत्त…अब मेरे पास सिर्फ 50 क्रोन ही बचे हैं!

मैं रेल्वे स्टेशन गया और जब मैं बाहर निकला तो मैंने एक बहुत ही बढ़िया मैदान, जिसके बीचो बीच बाघ की एक मूर्ति थी, देखा! मैंने कुछ तस्वीरें ली, ख़ास तौर पर इसलिए क्योंकि वहाँ कुछ बच्चे थे जो बाघ के दांतों और उसकी पूंछ से खेल रहे थे!

बाघ (की मूर्ति) के सामने, एक पर्यटक कार्यालय था तो मैंने शहर के बारे में सारी विवरनिकाएं  (विस्तार से जानकारी देने वाली किताबें) ले ली! शायद थोड़ी ज्यादा हो गई, लेकिन जो भी हो… संस्कृति वज़नदार  ही होनी चाहिए!

मैंने “नाटक / फिल्म  / मूवी / movie” शो, देखने की सबसे अच्छी जगहों, संग्रहालयों, और ओसलो में जो कुछ भी है, सबके बारे में जानकारी ले ली! मैंने (घूमने के लिए) अपना नंबर लिया और मेरी बारी का इंतज़ार करने लगा! कार्यालय में जो औरत थी, उसने (नक़्शे में) मुझे दिखाया कि हम कहाँ हैं और बताया कि कैसे, सबसे अच्छे और आसान तरीके से, सबसे जरूरी स्मारकों और संग्रहालयों को देखा जा सकता है!

कुछ संग्रहालय, जैसे वाइकिंग संग्रहालय और टिकी संग्रहालय वाकई दिलचस्प हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश, थोड़े दूर हैं और वहाँ जाने के लिए मुझे नाव का सहारा लेना होगा! मैं मुख्य सड़क पर गया और बस बाहर निकलते ही मैंने कैथेड्रल (मुख्य चर्च) देखा! फिर मैं एक रास्ते पर बढ़ गया जहाँ कपड़ों की बहुत सारी दुकानें और स्थानीय भोजनालय हैं!

चौराहे (crossroads) पर मैंने एक पंचभुजी इमारत देखी, जहाँ पर शेर के (कई) बुत थे! फिर मैं एक बगीचे में रुका जहाँ बीचो बीच रोबर्ट मेबलटोर्पे (Robert Mabbeltorpe) की कलाकृति (एक विख्यात तस्वीर) जैसी दिखने वाली मूर्ति थी!

मुफ्त की कुछ पत्रिकाएं देखने के लिए मैं एक क्षण के लिए बैठा, जिन्हें मैंने सफ़र के दौरान लिया था! शायद कोई दिलचस्प स्थानीय प्रकाशन या प्रदर्शनी या किसी भी तरह के आयोजन हो… लेकिन कुछ दिलचस्प नहीं था! मैं सीधा चलता गया! दूर मैंने, फव्वारों से भरी एक इमारत देखी! मैंने एक लड़की, जो जानकारी वाली पत्रिकाएँ दे रही थी, से पूछा कि क्या वो (फव्वारों से भरी इमारत) संसद भवन है! उसने (अनभिज्ञता में) कंधे उचका दिए! दिन के 1 बज रहे हैं और मुझे Mats से एक शाब्दिक सन्देश (एस एम एस) मिला जिसमे (Mats ने) मुझसे पूछा था कि मैं कहाँ हूँ और मैंने उसे संसद के सामने मिलने को कहा!

मैं महल की ओर ऐसे गया जैसे वो कोई धर्मस्थल हो! मैंने, उसी दिशा में जाता हुआ, बच्चों का एक झुण्ड देखा! “मक्का” पहुँचने के बाद मैंने महसूस किया कि बच्चों की जो लहर मेरे पीछे यहाँ पहुंची थी, उस मैदान में जमा हुए झुण्ड के आगे, वो तो कुछ भी नहीं थी! ऐसा लगता है नॉर्वे के सभी स्कूल (विद्यालय) यहीं पर है! मैं कारण जानने के लिए उत्सुक था, खासतौर पर इसलिए क्योंकि मैं जितना नजदीक जा रहा था, मुझे लग रहा था कि ये कोई बहुत ही विशेष आयोजन है! वास्तव में, जब मैं इमारत तक पहुँचा, मैंने बहुत सारे कैमरे और फोटोग्राफर्स (फोटो खींचने वाले) देखे! उसके थोड़ी ही देर बाद, मैंने एक बैंड आता हुआ सुना, जिसकी अगुवाई घोड़ों पर सवार दो स्त्री योद्धा और बहुत सारे सैनिक कर रहे थे! शुरू में मुझे लगा कि ये सिर्फ पहरेदारों की बदली (परिवर्तन) है! लेकिन पुष्टि (निश्चित करने) के लिए मैं मुड़ा और एक औरत से पूछा कि ये क्या हो रहा है! लेकिन दुर्भाग्यवश वो ‘अंग्रेजी / इंग्लिश / English’ नहीं जानती और उसने नॉर्वे की भाषा में जवाब दिया! मैंने उसे रोक कर बताने की कोशिश की कि मुझे नॉर्वे की भाषा नहीं आती है तो उसने ‘और कम गति’ से बोल कर इशारों में ‘संसद’ दर्शाते हुए समझाने की कोशिश की! मोटे तौर पर कहूँ तो मुझे लगता है कि, यदि उसने मुझे भ्रमित कर भी दिया हो, तो भी मैं एक शब्द तो समझ ही गया! जितना मुझे समझ आया उसके आधार पर, आज राजा का जन्मदिन या फिर राजा और रानी दोनों की वर्षगाँठ मनाई जाती है! वो ‘संघ / युनियन / union’ शब्द पर भ्रमित है! शायद ये विवाह या राज्याभिषेक / राजतिलक की वर्षगाँठ है! जिस बात ने मुझे अचंभित किया वो ये है कि यदि ये सम्राट है तो ये संसद में क्यों है, राजमहल में क्यों नहीं?

जवाब जल्दी ही मिल गया जब Mats ने मुझे फोन किया और बताया कि वो संसद के सामने है लेकिन मुझे देख नहीं पा रहा है! मैंने और अच्छे से देखने की कोशिश की और उसे बताया कि मैं शूरवीर / योद्धा की एक मूर्ति की सीढ़ियों पर हूँ! लेकिन वो समझ नहीं पाया… फिर मुझे समझ आया कि मैं संसद के सामने नहीं बल्कि राजमहल के सामने हूँ!

संसद, राजमहल से 5 मिनिट की दूरी पर है! जहाँ वो वास्तव में था, वो वही जगह थी जहाँ मैं पहले, शेरों की मूर्तियों के पास था! इसी बीच मैंने पहरेदारों की अदला बदली देखी! अंतत: मैं Mats से मिला और चारों ओर देखते हुए उससे पूछा कि क्या वो (इन सबके बारे में) कुछ जानता है? तब उसने मुझे बताया कि यह राजा और रानी दोनों का जन्मदिन है! तब मुझे ‘संघ / युनियन / union’ शब्द का मतलब समझ आया! नॉर्वे में शायद इसका मतलब ‘दोनों’ होता है!

दिन के 2 बज रहे हैं, लेकिन दोपहर का खाना खाने के पहले मैंने देखा कि कैमरे और फोटो खींचने वाले गुत्थम-गुत्था हो रहे थे और तस्वीरें लेने के लिए तैयार हो रहे थे! तो मैंने मेरे दोस्त को पूछा कि क्या हम 2  मिनिट का इंतज़ार कर सकते हैं, क्योंकि मुझे लगा कि कुछ होने वाला है!

वास्तव में, कुछ ही मिनिटों के बाद, सबसे बड़े राजमहल की, मैदान की ओर देखती हुई खिड़की खुली और वहाँ पूरा राज परिवार, गर्व से नॉर्वे का झंडा (ध्वज) लहराते हुई भीड़ का अभिनन्दन और उसकी गर्मजोश बधाइयों का धन्यवाद करता हुआ नजर आया! ये एक परी कथा जैसा लग रहा था… राजा, रानी और भीड़… अच्छा लगा नॉर्वे के राज परिवार को देख कर! ये, इस यात्रा के अनुभवों की सूची में जुड़ने वाला है!

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Translated by Navneet Goyal (navneetgoyal2000@gmail.com)
नवनीत गोयल (navneetgoyal2000@gmail.com) द्वारा अनुवादित!
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