बेघर लोग भी हवाई सफ़र करते हैं!

बाहर निकलने के रास्ते की ओर लौटते हुए और पुल पर से गुजरते हुए, मैंने मूर्तियों को ध्यान से देखा! और वो भी सहनशील लग रही हैं, जैसे पुरुषों का एक जोड़ा, स्त्रियों का एक जोड़ा, स्त्रियों और पुरुषों का एक जोड़ा और अकेले अकेले लोग भी! पुल के पार देखते हुए मैं अपने ख्यालों में खो गया कि कैसे लोग पक्षपात / पूर्वधारणा के बारे में इतने चिंतित हैं लेकिन उससे ज्यादा जरूरी बातों जैसे युद्ध, प्राकर्तिक आपदाओं आदि के बारे में कुछ नहीं!

मेरा Erik के साथ शाम 4:30 का एक पूर्व नियोजित मिलन है! Mats ने जो रास्ता लिया था, उसके उलट, बहुत महंगे स्थान Frogner के किनारे किनारे चलते हुए, मैं National Library पहुँच गया! मैं अन्दर घुसा और पूछा कि  क्या वो कोई फोटोग्राफी सम्बंधित प्रदर्शनी लगाते हैं! पुस्तकालयाध्यक्ष ने मुझे एक लम्बा हॉल दिखाया जिसे उभरते हुए कलाकार इस्तेमाल करते हैं! एक दम सही!

मैंने इन्टरनेट का फायदा उठाया! यात्रियों को एक सलाह: जो इन्टरनेट का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए निशुल्क इन्टरनेट सर्फ करने के लिए सार्वजनिक पुस्तकालय सबसे अच्छी जगह है! बंगलों और झोपडी नुमा घरों के अकेले रास्ते पर चलते हुए मैंने Maserati की आवाज सुनी और फिर एक लाल रंग की छोटी Corvette कनवर्टिबल* ने करीब करीब मुझे टक्कर मार ही दी थी!

याद रखने योग्य एक बात: यहाँ, रोम की तरह, रास्ते पार मत करो!

जब मैं सड़क पार करता हूँ तो मेरे दोस्त चिंतित होते हैं और कोई मुझे ये कहता हुआ पीछे खींच लेता है कि  मैं किसी दिन सड़क पार करते हुए, किसी कार के नीचे आ कर मर जाऊँगा! रास्ते के अंत में, एक Aker है, जहाँ ओसलो का बंदरगाह बना है और जहाँ fjords* के लिए फेरी / ferry हैं! बंदरगाह के एकदम पार, “शांति के लिए नोबेल पुरूस्कार” के महल है जिसके आगे कुछ लोग किसी मानवाधिकार के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं! मैं थोडा मायूस हूँ क्योंकि ये इमारत बहुत दुखी सी और पुरानी है, जो फासिज्म काल शैली जैसी है! मैं स्टेशन पर आधा घंटे देरी से पहुंचा लेकिन Erik  ने बताया कि वो भी देरी से, बस 10 मिनट पहले ही पहुंचा है!

Erik ने मुझे बताया कि आज रात 10 बजे से हवाई-अड्डों के सुरक्षाकर्मियों की हड़ताल है! उस समय से घरेलु उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और इससे कोई दिक्कत कड़ी हो सकती है! मुझे क्या फरक पड़ता है, मेरा हवाई जहाज तो रात के 10:05 पर हवा में उड़ रहा होगा! फिर भी Erik ने मुझे किसी भी तरह की दिक्कत या हवाई जहाज छूट जाने से बचने के लिए जल्दी निकल जाने की सलाह दी! मेरे लिए पहली बार थोड़ी है! इसलिए हम घर पहुंचे, मैंने अपने बैग लिए और Erik ने मुझे कार से रेलवे स्टेशन तक लिफ्ट दे दी, जहाँ से एक्सप्रेस ट्रेन मुझे मुख्य हवाई-अड्डे तक ले जायेगी!

सौभाग्य से, मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई और मुझे बस, मशीन पर उड़ान का कोड टाइप करके चेक-इन करना था और उसके बाद (सामान पर लगाए जाने वाली) पट्टी छाप कर, सूटकेस पर लगा कर, सामान छोड़ने और सूटकेस चढाने के लिए बढ़ना था!

मैं आराम से शाम के 7 बजे पहुँच गया और उड़ान के लिए पुकारे जाने का इंतज़ार करने लगा!

मेरे बगल में, एक छोटी बदबूदार ट्राली, एक गन्दा सा सूटकेस और एक बिल्ली के पिंजरे के साथ, छेदों से भरी टी-शर्ट में एक अनजान लड़की बैठी हैं! पहली नजर में वो एक बेघर लगती है लेकिन एक बेघर को हवाई सफ़र करते हुए मैंने पहले कभी नहीं देखा है!

मेरे दूसरी ओर दो बूढी औरतें, एक दम उलट, अच्छे कपडे पहने आपस में बातें कर रही हैं!

मैं उनकी ओर मुड़ा और पूछा कि क्या उड़ान में पेय पदार्थ या रात का खाना दिया जाता है? जाहिर तौर पर, उनको मेरी बात समझ नहीं आई और उन्हें लगा कि मैं उड़ान के निश्चितता के बारे में पूछ रहा हूँ! इसलिए उन्होंने सर हिला दिया तो मैंने हवाई जहाज सहायक की ओर मुड गया जो अभी अभी आया था और उड़ान के लिए पुकारे बिना ही, उसने मुझे बताया कि रात में उड़ान में सिर्फ चाय या कॉफ़ी दी जाती है और बाकी सब, यहाँ तक कि अन्य पेय पदार्थ भी दाम चुका कर मिलते हैं!

उसने उड़ान के लिए पुकारा और मैं कतारों के छोटे होने का इंतज़ार करने लगा, इसलिए मैं बैठा रहा! लेकिन फिर अचानक मेरे सामने की डेस्क (चेक-इन काउंटर), जो अभी तक खाली था, पर एक दूसरी परिचारिका बैठ गई तो मैं उठा और फायदा उठाते हुए कतारों से बच कर अपना बोर्डिंग पास पा लिया!

उसके पहले मैंने खबरें पढने और स्वीडन पहुँचने के पहले अपनी स्वीडिश (भाषा) जांच लेने के लिए The International Herald Tribune और स्वीडिश अखबार The Daegen Nyheter ले लिया! बहुत सारी खबरों में, मैंने बीते कल हिलेरी क्लिंटन के कोपेनहेगेन में होने की खबर ढूंढ ली और ये भी कि आज वो सीरिया में राजनैतिक समस्याओं के बारे में चर्चा करने के लिए ओसलो में होंगी!

हवाई जहाज उतर रहा है, Stockholm, मैं आ रहा हूँ!

*कनवर्टिबल: एक कार जिसमे आराम से फेर बदल किये जा सकते हैं!

*fjords: बंदरगाह तक जाने का पानी का संकरा रास्ता!

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Translated by Navneet Goyal (navneetgoyal2000@gmail.com)
नवनीत गोयल (navneetgoyal2000@gmail.com) द्वारा अनुवादित!
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